World Music Day 2021 : भारत में बदल रही है संगीत की परिभाषा

World Music Day 2021 : आज के वक्त में हर व्यक्ति संगीत सुनना पसंद करता है फिर चाहे वह किसी भी प्रकार का संगीत से क्यों ना जुड़ा हो, सबका अपना-अपना अलग अनुभव संगीत को लेकर है, जरूरी नहीं है कि जो लोग संगीत गाते हैं या बनाते हैं सिर्फ वही संगीत में रुचि रखते हैं बल्कि संगीत सुनने वाला हर व्यक्ति संगीत में अपनी रुचि दिखता है. भारत के अंदर कई प्रकार के Music सुनना पसंद करता है. कल्चरल डायवर्सिटी होने के कारण भारत में एक कई प्रकार के कल्चर मौजूद है ऐसे में विभिन्न भाषाओं में विभिन्न प्रकार के संगीत मौजूद है, जो भारत की खूबसूरती को बेहद अच्छा दिखाते हैं.

लेकिन बीते कुछ सालों से भारत में जनरेशन बढ़ने के साथ-साथ संगीत में भी काफी परिवर्तन आ रहा है कई प्रकार के संगीत भारत में ऐसे मौजूद हैं जिनका कुछ सालों पहले तक इतना क्रेज नहीं था लेकिन ग्लोबलाइजेशन होने से कल्चर एक्सचेंज हो रहे हैं और भारत में वेस्टर्न कल्चर काफी तेजी से बढ़ रहा है ठीक उसी प्रकार विदेशों में भी भारतीय संगीत की रूचि बढ़ रही है, भारतीय लोग वेस्टर्न कल्चर को काफी तेजी से अपना रहे हैं फिर चाहे वह पहनावे में हो संगीत में हो या फिर खानपान में, यह चीजें हमें काफी लुभाती हैं.

तेजी से बढ़ रहा Rap Music Culture

संगीत के मामले में भारत के युवाओं का स्वाद थोड़ा हटके होता जा रहा है, वीणा, हारमोनियम, सितार, जैसे कई क्लासिकल संगीत के उपकरण अब ज्यादा युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित नहीं करते हैं युवा गिटार पियानो जैसे वेस्टर्न म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट को इस्तेमाल करना पसंद करता है क्योंकि उनकी रीच ग्लोबल होती है. ऐसे में बीते कुछ सालों से भारत के युवाओं को रैप म्यूजिक कल्चर काफी ज्यादा लुभाया है. गाने कभी टीवी पर सुनने के लिए नहीं मिलते थे उस प्रकार के गाने आज टीवी से लेकर रेडियो तक सुनने को मिल जाते हैं और युवा खुद भी इसमें रूचि रखते हुए इसको आगे बढ़ाने के प्रयास में लगे होते हैं.

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Rap music को लेकर भारत में काफी बढ़ावा भी मिल रहा है बॉलीवुड जैसी मूवीस में इस प्रकार के संगीत का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि युवाओं द्वारा यह काफी पसंद किया जा रहा है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत में संगीत की परिभाषा बदलती जा रही है हालांकि इस बात से भी नकारा नहीं जा सकता है कि भारतीय संगीत को आज भी क्लासिकल म्यूजिक ही दर्शाता है फिर चाहे वह भारत में दर्शाना हो या फिर दुनिया के आगे भारत का संगीत दर्शना.

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