हवा से कैसे निकलेगा पानी ? राहुल गांधी के तंज पर छिड़ी बहस

CSIR : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवा से पानी बनाने की बात कहने के बाद से ही सियासी अखाड़े में नई जंग शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान का कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने काफी मजाक उड़ाया। राहुल गांधी के मजाक उड़ाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सबूतों के साथ राहुल गांधी के ज्ञान पर एक बार फिर से सवाल उठाया। दोनों पार्टियों की इस झड़प के साथ ही लोगों ने सोशल मीडिया पर मिम्स शेयर कर काफी मजे लिए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें इस पूरे वाक्य पर काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने वातावरण से पानी को संघनित कर पेय जल उपलब्ध कराने के लिए मैत्री एक्वाटेक के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर दस्तखत किए हैं।

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CSIR ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा एटमॉस्फेरिक वॉटर जेनरेटर मेथड अच्छी तरह स्थापित है और पेय जल उपलब्ध कराने के लिए हवा से पानी निकालने का काम जारी है। सीएसआईआर ने मैत्री एक्वाटेक के साथ एमओयू साइन किया है और जॉइंट पेटेंट हासिल किया है।

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रेलवे स्टेशनों आदि पर मेघदूत एडब्लूजी लगे हैं।’ CSIR ने अपने ट्वीट में पीएमओ इंडिया, नरेंद्र मोदी और सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक अडवाइजर को भी टैग किया है। मेघदूत एडब्लूजी के जरिए हवा में मौजूद नमी को सोखकर पेय जल बनाया जाता है।

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