सावधान : Condom के साइड इफेक्‍ट से हो सकता है कैंसर, पूरा पढ़े

Condom side effects: आज के टाइम में यौन संबंध बनाने के दौरान लोग सबसे ज़्यादा कंडोम का इस्तेमाल करते है जिससे वह अनचाहे गर्भ को आसानी से रोक सके, वैसे तो कंडोम के इस्‍तेमाल को सबसे सेफ सेक्स माना जाता है, डॉक्टर भी टेबलेट्स से ज्यादा कंडोम का इस्तेमाल करने का सुझाव देते है.

यह बात तो साफ़ है कि कंडोम निश्चित ही फायदेमंद होता है और यह यौन संचारित रोग जैसे AIDS और अनचाहे गर्भधारण के खतरों से बचाने में मदद काफ़ी मदद करता है, लेकिन भारत में  बहुत से लोगों को इसके सही उपयोग के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है। 

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कंडोम अनचाहे गर्भ को रोकने में मददगार तो है ही लेकिन यदि आप इसका ज्‍यादा इस्‍तेमाल करते हैं तो कुछ बड़े नुकसान भी हो सकते हैं। इसका ज्यादा इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, जैसे हर चीज के कुछ side effects होते है वैसे ही कुछ साइड इफेक्‍ट कंडोम के भी होते हैं।

आप की जानकारी के लिए बता दें कि कंडोम ज़्यादातर लेटेक्स के बने होते हैं, लेटेक्स ? ये एक तरल पदार्थ होता है, जो रबर के पेड़ से निकाला जाता है, दी American Academy of Allergic Asthma and Mnology की मानें तो, कुछ लोगों में रबर में प्रोटीन होने की वजह से एलर्जी के लक्षण देखे जा चुके है,ऐसे  केसेस में सिंथेटिक कंडोम का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

कंडोम से HIV और यौन संक्रामक रोगों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इससे यौन संचारित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि ये बाहरी स्किन को सुरक्षित नहीं रख पाता है, जिससे खुजली और इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है।

condom के सही इस्तेमाल से 98% सुरक्षा तो मिल जाती है मगर इसके गलत तरीक़े से किये गए उपयोग से 100 में से 15 महिलाओं को गर्भावस्था का जोखिम हो जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल सही तरह से करना बहुत जरूरी है। एक्सपायरी कंडोम का इस्तेमाल  बिलकुल भी न करें।

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अमेरिका के कुछ डॉक्टरों ने यह भी दावा है कि पुरुषों में इस्‍तेमाल किए जाने वाले कंडोम से महिला में कुछ गंभीर बीमारी होने का खतरा हो सकता है क्योंकि कंडोम के ऊपर पाउडर और लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किया जाता है। कई अध्ययन के अनुसार इस पाउडर से ओवेरियन कैंसर का खतरा होता है और बांझपन का भी खतरा होने का अंदेशा रहता है।

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